Thursday, February 25, 2016

यहाँ सब बिकता है..

यहाँ क्या नहीं बिकता?
यहाँ सब बिकता है.जी हाँ!

जाति के नाम पर आरक्षण बिकता है,
वोट के नाम पर समाज बिकता है,
धर्म के नाम पर पाखंड बिकता है,
शिक्षा के नाम पर विद्या बिकती है,
कला के नाम पर कलाकार बिकता है,
मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता बिकती है,
सेक्स के नाम पर देह बिकती है,
शादी के नाम पर लड़का/लड़की बिकते है,
टीआरपी के नाम पर समाचार बिकता है,
विकास के नाम पर भूमि बिकती है,
राजनीति के नाम पर जनता बिकती है,
ज़िन्दगी के नाम पर खून बिकता है,
इंसानियत के नाम पर इंसान बिकता है,

देश ना हुआ, बनिये की दुकान हो गयी,क्यूंकि यहाँ सब कुछ बिकता है.



श्री गुरुदेव दत्त....


2 comments:

  1. Thought process accha hai .. par likhane ke liye jaroori hai aur padho .. jitne jyada writers ko padhoge utna hi accha hoga .. urdu, hindi, english, marathi etc.. sam padho..

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    1. Thanks for the complement and suggestions. I will try to improvise. :)

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