लो फिर आ गया है रंगों का त्यौहार जिसे कहते है होली,
रात को सब मिलकर जलाएंगे बुराइयों की होली,
चेहरों पर मलो गुलाल और और मारो पिचकारी,
ख़ूब करो मस्ती और गटक लो दो-चार भांग की गोली,
निकाल फेकों नफ़रत और भर दो प्यार से सबकी झोली,
तो दोस्तों, इस होली पर खोल दो सबके लिये अपने दिल की खोली.
सभी को होली की शुभकामनाएं.
श्री गुरुदेव दत्त....
रात को सब मिलकर जलाएंगे बुराइयों की होली,
चेहरों पर मलो गुलाल और और मारो पिचकारी,
ख़ूब करो मस्ती और गटक लो दो-चार भांग की गोली,
निकाल फेकों नफ़रत और भर दो प्यार से सबकी झोली,
तो दोस्तों, इस होली पर खोल दो सबके लिये अपने दिल की खोली.
सभी को होली की शुभकामनाएं.
श्री गुरुदेव दत्त....
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