Sunday, December 20, 2015

ज़िंदगी.. एक सफ़रनामा

ज़िंदगी एक सफ़रनामा है....

अठखेलियों से भरे बचपन का..
किशोरावस्था की नादानियों का..
मस्ती में डूबे यौवन का..
ज़िम्मेदारियों से बंधे अधेड़पन का..
मजबूरियों वाले बुढ़ापे का..

ज़िन्दगी एक सफ़रनामा है ....ज़िंदगी जीने का ....

श्री गुरुदेव दत्त....

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